Lapata Ladies Film Review: सामाजिक कुरीतियों पर चोट करती आमिर और किरण राव की यह फिल्म


आमिर खान की पूर्व पत्नी किरण राव फिल्म निर्देशक के रूप में भी काफी चर्चित रही हैं। हाल ही में किरण की पॉपुलर फिल्म लापता लेडीज सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। 4 करोड़ की लागत से बनी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर 20 करोड़ से अधिक की कमाई की। 

लापता लेडीज फिल्म में सामाजिक मसले की कहानी को पर्दे पर दिखाने का प्रयास किया गया है। सोशल मीडिया पर इस फिल्म ने लोगों की जमकर वाहवाही लूटी है। फिल्म लापता लेडीज में रवि किशन, स्पर्श श्रीवास्तव, नितांशी गोइल और प्रतिभा रत्ना ने अहम भूमिकाओं को अदा किया है। इन सभी ने अपने-अपने रोल में शानदार अभिनय की छाप छोड़ी है। 

लापता लेडीज’ के निर्माण के लिए आमिर खान की सराहना करते हुए किरण राव ने कहा, ‘इस तरह की फिल्म केवल आमिर खान जैसे निर्माता ही बना सकते थे, और यह सच भी है। आमिर खान की सामाजिक संवेदनाओं को मैंने उसी समय महसूस कर लिए था जब आज से दस वर्ष पूर्व स्टार प्लस और दूरदर्शन पर 'सत्यमेव जयते' टेलीकॉस्ट होता था। इस कार्यक्रम ने भारत में प्रचलित सामाजिक कुरुतियों एवं समस्याओं जैसे महिलाओं के साथ दुराचार, बाल यौन शोषण, दहेज, ऑनर किलिंग, शराब, विकलांग, घरेलू हिंसा आदि मे प्रकाश डाला था। हालांकि 2014 के बाद बीजेपी की सरकार बनने के बाद इस सीरीज का अगला सीजन नहीं आ सका। 

'लापता लेडीज की कहानी'

कहानी दो दुल्‍हनों के अनजाने में अदला-बदली की है, लेकिन उनके बहाने ग्रामीण महिलाओं की जिंदगी को करीब से टटोल जाती है। साधारण सी कहानी में कई पल हैं, जो हंसाने के साथ झकझोरते, आपको इमोशनल भी करते हैं।

कहानी लगभग 20 साल से अधिक पुरानी है जो घूंघट में ढकी दो नवविवाहिताओं की है। दोनों यात्रियों से खचाखच भरी ट्रेन में अगल-बगल बैठकर आ रही होती हैं। अपना स्‍ट्रेशन आने पर दीपक (स्‍पर्श श्रीवास्‍तव) सो रही अपनी पत्‍नी फूल कुमारी (नितांशी गोयल) को जगाकर स्‍टेशन पर उतारता है।

दुल्‍हन उसके साथ उतर जाती है। घर पहुंचने पर पारम्परिक रस्मों के दौरान पता चलता है कि दुल्‍हन की अदला-बदली हो गई है। बदली दुल्‍हन देखकर दीपक और उसके स्‍वजन हड़बड़ा जाते हैं। यह दुल्‍हन अपना नाम पुष्‍पा (प्रतिभा रांटा) बताती है।

उसे अपने ससुराल का पता ठीक से पता नहीं होता। परिवार अपनी असली बहू फूल की तलाश में जुटता है। फूल उधर दूसरे परिवार को देखकर सकते में आ जाती है। उसे अपने ससुराल के गांव का नाम तक पता नहीं होता। बस इतना याद होता है कि किसी फूल के नाम पर है। अब पूरी फिल्म यहीं बता दूंगा तो आप देखेंगे क्या, Netflix पर मौजूद है देख आइये। 

साधारण सी कहानी में महिलाओं की आत्‍मनिर्भरता, शिक्षा, जैविक खेती जैसे मुद्दों के साथ उनकी दिशा और मनोदशा को कहानी में खूबसूरती साथ चित्रित किया गया है। 

फिल्‍म के निर्माता आमिर खान हैं। कहानी बिप्‍लब गोस्‍वामी ने लिखी है। स्‍क्रीनप्‍ले और संवाद स्‍नेहा देसाई का है। आमिर ने ही यह कहानी अपनी पूर्व पत्‍नी किरण को बनाने के लिए दी थी। उस उम्‍मीदों पर वह खरी उतरी हैं। फिल्‍म धोबी घाट के निर्देशन के करीब 13 साल बाद किरण राव ने निर्देशन में वापसी की है।